भारत और ऑस्ट्रेलिया महिला टीमों के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया तीसरा वनडे मुकाबला रन-फेस्ट साबित हुआ। दर्शकों ने बहुत सारे चौके-छक्के देखे और दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने धैर्यपूर्वक रन बनाए। हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया ने अंत में इस सुपर स्कोरिंग मैच को 43 रनों से जीतकर सीरीज में आगे बढ़ लिया।
टॉस और प्रारंभिक योजना
टॉस जीतकर कप्तान एलिसा हीली ने पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया। दिल्ली की छोटी बाउंड्री और फ्लैट पिच के कारण यह सही रणनीति साबित हुई। ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाजों ने शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों को निशाना बनाया।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी: बेथ मूनी का शानदार शतक
बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 47.5 ओवर में 412 रन बनाए।
- तेज शुरुआत करने वाली एलिसा हीली ने 30 रन और 18 गेंदों से भारत पर दबाव डाला।
- इसके बाद, बेथ मूनी ने जगह-जगह शोर मचा दिया। उन्होंने 75 गेंदों में 138 रन बनाए, 23 चौके और 1 छक्का लगाया। वहीं से, उनकी बल्लेबाज़ी ने मैच को ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ दिया।
- एलिस पेरी ने स्थिरता दी (68 रन, 72 गेंद) और मूनी को खुलकर खेलने का अवसर दिया।
- अंत में एश्ले गार्डनर (39 रन, 24 गेंद) और अलाना किंग (27 रन, 20 गेंद) ने तेज पारी खेलकर स्कोर को 400 के पार कर दिया।
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन खराब रहा। अरुंधति रेड्डी (3/86) और रेणुका सिंह (2/79) ने विकेट लिए, लेकिन रन नहीं रोक पाईं।
भारत का खेल— स्मृति मंधाना का आक्रामक रूप
भारत ने 412 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरूआत खराब की। प्रतीका रावल को 10 रन से जल्दी आउट कर दिया गया। लेकिन स्मृति मंधाना ने मैच को रोमांचक बनाया जब वह मैदान पर उतरी।
- मंधाना ने 63 गेंदों में 125 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 17 चौके और 5 छक्के लगाए। यह उनके करियर की सबसे रोमांचक पारियों में से एक है।
- दूसरे छोर से मंधाना का साथ देते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी आक्रामक बल्लेबाजी की (52 रन, 35 गेंद)।
- दीप्ति शर्मा ने शानदार संयम दिखाते हुए टीम को लक्ष्य के करीब पहुँचाने का प्रयास किया (72 रन, 58 गेंद)।
- लेकिन मंधाना के बाहर निकलते ही भारत की आशा कमज़ोर हो गई।
बाकी बल्लेबाजी में अरुंधति रेड्डी (10 रन) और रिचा घोष (6 रन) जल्दी आउट हो गए। निचले क्रम ने मुश्किलों का सामना किया, लेकिन लक्ष्य तक नहीं पहुँच सका। पूरी टीम ने 47 ओवर में 369 रन बनाए और ऑल आउट हो गई।
शानदार ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी
भारत के बल्लेबाजों ने बहुत सारे रन बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने विकेट निकालकर मैच को हाथ से नहीं निकलने दिया।
- किम गार्थ (3/69) ने सबसे अधिक विकेट झटके हैं। उन्होंने हरमनप्रीत, रेणुका सिंह और मंधाना को बाहर निकालकर भारत की कमर तोड़ी।
- मेगन शुट्ट (2/53) ने भी महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए।
- तालिया मैक्ग्रा (1/44) और एश्ले गार्डनर (1/80) ने भी योगदान दिया।
गेंदबाजों ने बहुत सारे रन लुटाए, लेकिन वे बार-बार विकेट गिराते रहे और अंततः ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दिया।
मैच का अंत
भारत ने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अपनी गति बनाए रखी। लेकिन स्मृति मंधाना का बाहर आना भारत के लिए महत्वपूर्ण समय था। उनके जाने के बाद टीम लक्ष्य से पीछे रह गई क्योंकि रन गति बरकरार नहीं रह सकी।
स्कोरकार्ड सारांश
ऑस्ट्रेलिया महिला टीम: 412/10 (47.5 ओवर)
- बेथ मूनी – 138 (75)
- एलिस पेरी – 68 (72)
- एश्ले गार्डनर – 39 (24)
गेंदबाज़ (भारत):
- अरुंधति रेड्डी – 3/86
- रेणुका सिंह – 2/79
- दीप्ति शर्मा – 2/75
भारत महिला टीम: 369/10 (47 ओवर)
- स्मृति मंधाना – 125 (63)
- दीप्ति शर्मा – 72 (58)
- हरमनप्रीत कौर – 52 (35)
गेंदबाज़ (ऑस्ट्रेलिया):
- किम गार्थ – 3/69
- मेगन शुट्ट – 2/53
- एश्ले गार्डनर – 1/80
परिणाम: ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत को 43 रनों से हराया।
खेल प्रदर्शन और विश्लेषण
- स्मृति मंधाना का शतक महिला क्रिकेट इतिहास की बेहतरीन पारियों में गिना जाएगा।
- बेथ मूनी ने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में गिना जाता है।
- किम गार्थ और मेगन शुट्ट ने दबाव की घड़ी में विकेट लेकर अपनी टीम को जीत दिलाई।
आगे की दिशा
महिला क्रिकेट में यह मुकाबला ऐतिहासिक रहा। रनगति और उच्च स्कोर ने इसे दिलचस्प बना दिया। भारत को गेंदबाज़ी में सुधार करना चाहिए, लेकिन बल्लेबाजी में मंधाना और दीप्ति का प्रदर्शन अच्छा है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने फिर से दिखाया कि क्यों उन्हें विश्व की सबसे शक्तिशाली महिला क्रिकेट टीम कहा जाता है।
निष्कर्ष
दिल्ली वनडे महिला क्रिकेट का इतिहास लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। भारत की की ओर से स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा की बल्लेबाज़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम वर्क और दमदार बल्लेबाज़ी से मैच जीता